वेदब्रह्मचर्य

वेदब्रह्मचर्य
वेदब्रह्मचर्य /veda-brahma-carya/ n. период ученичества, время изучения Вед




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प्रियबन्धु, सह्यता, शतरात्र, षडहोरात्र, सुश्लक्ष्ण, अवलुप्, ममत्, संपद्, विकस्, परिशी, स्पृहयालु, दुर्मन्त्र, अस्म, दुष्प्रधर्ष, ऊर्ध्वगमनवन्त्, प्रविश्, संवर्णन, कुमारसंभव, समुत्पन्न, वेगवन्त्, दैवगति, अतिशयन, कटक, नवांशक, शिवालय, तर्, काटा, मेद, दानवीर, निरर्थक, आलिश्, आम्रेड, उत्कर्ष, देवकी, निष्कर्मन्, उपशम, शैक्ष, °प्सु, सर्वकाल°, बाढम्, विस्थुल, संमूता, दासता, शर्व, तूर्य, तन्द्रा, तटाकिनी, एकपद, पुरुष्य, नियोगिन्, लुब्धता, कूट, सरयु, देवजन, पञ्चानन, द्विधा, अवजि, शठधी, शोभिका, ल्+_कार, हारिन्, तर्षित, अवलम्बन, मत्सर, सन्, कांस्यपात्र, पुरंधि, चन्द्रक्षय, निर्लिप्त, गोहन्, अधिराज्, प्राग्वत्, वारिपथ, चुल्ल, निह्नु, सातिशय, रम्य, दारव, सर्वसिद्धार्थ, सहस्रवाज, देही, विसर्, सतोमहन्त्, गुणभूत, सर्वहरण, विदित, प्रतितर, धारपूत, संमनस्, अधेनु, घर्, अकुसुमित, महातपस्, पीठिका, °संहर्षिन्, प्रवास, शरवण, एवंविद्, सह, द्विज, रथचक्र, अन्तर्हित, असिधारा, सेर्ष्य, धर्मारण्य, श्लथ, पोत, गोदोहन, दोधक, अभीशु, मसृण, समनुज्ञा, वाट्, °रक्षि, पौष्ण, निःश्मश्रु, अष्टचत्वारिंशत्, हवनश्रुत्, आकौशल, अवकर्त्, व्रीहिन्, शर्मिष्ठा, कृपालु, मेदिनीपति, अभिज्वल्, रेतोधा, गुह, दीर्घाक्ष, उद्भिद्, श्मश्रुण, त्रिवली, नचिर, यूथशस्, सर्वत्व, विक्षुभ्, कृष्णसार, प्रसू, अजीर्ण, समरेख, सनियम, प्रत्यब्दम्, जाग्रत्, दधृष, घृत, ताम्रकुट्ट, उज्ज्वल्, विषुवन्त्, एकरिक्थिन्, ऋद्धि, मोषण, दिधक्षू, बौद्धमत, घघ्, ब्राह्मण, अहल्या, उष्णांशु, ब्रह्मयोग, निवसन, मारुत, निराशीभाव, ब्रह्मभूत, रोपण, संस्तुत, अरुन्धती, अभी, पौरुषेयत्व, क्षम, पतन्जलि, अभिमील्, नाशुक, अनुलिप्, दुरासद, संतेजय्, अनुविश्, कुर्कुर, विचि, पर्युषित, तारक, अनवपृग्ण, समारूढ, लक्ष्मन्, सप्तदशन्, अविश्रम, द्विपदीखण्ड, यानपात्र, मृष्ट, विक्रय्य, महापार्श्व, लवणिमन्, शकुनि, विमन्यु, लोकविज्ञात, लुब्धक, उपज्ञा, निवेषय, संत्यज्, विद्, कुयव, वासतेयी, अदण्ड्य, परिहारलेख, मिति, पी, अवस्वप्, उष्णीषपट्ट, काषाय, अनुसेवा
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