प्रमर्दन

प्रमर्दन
प्रमर्दन /pramardana/
1.
1) разрушающий, уничтожающий
2) растирающий
2. n.
1) разрушение, уничтожение
2) растирание в порошок




Случайная выборка слов

गण्डस्थल, पक्षधर, सातिरेक, हिमवत्सुता, नियन्तर्, स्थितिमन्त्, गम्य, मालाकार, दशवर्ष, संग्रा, अग्रेग, असंज्ञ, आर्द्र, सुब्रह्मण्य, अल्पभाग्यत्व, धूम्या, द्वैरत्ह, वात, अङ्गुलीय, प्रादुष्करण, दक्षिणतस्, विस्वर, चैत्ररथ, संबाध्, चिन्तामोह, शर्ब्, विदा, औचित्य, अतिमलिन, मिष, वायुभक्ष, स्थलपथ, कलानिधि, दुःशील, शाखामय, वसुदेय, यवीयुध्, विफल, पाश्चात्त्यभाग, समुन्मीलय्, गुप्, शिल्पिन्, प्रवप्, दिश्, यावज्जीवम्, कर्मन्, ऋध्, सधिस्, निराकर्, लुब्ध, शणतान्तव, सुधर्म, दुर्वस, पौनःपुन्य, संश्रु, परिषोडश, परिवास, हंसवाह, विगतज्वर, मेरु, स्थावरत्व, आलेप, तलिन, माध्यस्थ, लेलया, द्वयु, द्वारबाहु, पारअवार, लिश्, सौराज्य, ह्रदिनी, ज्य्ष्ठबन्धु, सतनु, देशी, अवरोहण, पाली, पूर्वापरदिन, सूतु, निर्भुज्, सद्वृत्ति, द्विपिनी, संस्थित, गुरुदक्षिणा, पदाङ्क, देव, कौशिक, सपर्या, °संहारिन्, अनुशी, साति, पर्यङ्क, उत्पतन, सोमधान, °वृत्, नर्मन्, मतकाशिनी, निवेद्य, मुद्रय, विशेषविद्, अधिवस्, युज्, पुलिन्द, एकपार्थिव, ममता, पदार्थ, माचिरम्, शोष, ह्वर्, प्रीतिसंगति, पङ्गुत्वा, आलपन, कपीश्वर, अशनायवन्त्, उपवेष्ट्, सुखता, वर्गशस्, जगतीतल, महापथ, सुवीर्य, सुदृश्य, कविता, निष्प्रज्ञ, गञ्जन, सत्करण, विक्लव, ऊर्व, वराटक, सकर्मक, सर्वत्व, स्वधन, स्पृह्, प्रारभ्, अश्रवण, अजस्र, नमस्क्रिया, मीढ, बर्हापीड, सपरिच्छद, कार, समालभ्, प्रत्युत्तर, गोधूम, बाहुबन्ध, षोडशम, स्पृ, दाशराज्ञ, वाल्लभ्य, पी, बलदावन्, पौरसख्य, बन्धक, सर्वहृद्, वल्लभ, परिग्लान, विषादन, समुद्रयान, शष्कुली, विनिह्नु, आसन्नवर्तिन्, शुच्, शोणता, लीका, आर्जीक, विकोश, श्रव, संकल्पय्, उपसेवा, फुत्कार, पृथक्कार्य, दय्, वसन, प्राप्त, निर्भिद्, सुगात्री, समिद्वन्त्, चिरकार, सूक्ष्मता, रभीयंस्, अधिकर्, शवकर्मन्, विकासन, सुरद्विष्, अभिकर्, प्रत्येक, समुद्रतस्, धातुमन्त्, महासेन, सर्वसाधु, किंमात्र, कल्याण, युक्तार्थ, धनवर्जित, प्रचर्, पौत्र, साष्टाङ्ग, सपरितोषम्, क्षञ्ज्, भुर्वणि, वेशन, न्याय्य, नस्यकर्मन्, उपकरणवन्त्, ब्रह्मद्विष्, भन्द्, नक्षत्रिय, तैजस, प्रतिगम्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit