ब्रह्मस्तेय

ब्रह्मस्तेय
ब्रह्मस्तेय /brahma-steya/ n. искажённое толкование ведийских текстов




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समापत्ति, उत्प्रेक्ष्, सुस्वादु, छादन, अर्भ, संमति, भाग्यवश, आलोक, त्वम्, वेणुयष्टि, बाहुपाश, विसंष्ठुल, प्रतिनव, देशक, गञ्ज, निर्मोक्ष, प्रैयरूपक, गोमत्, गौरी, नतभ्रू, घर्मवन्त्, वधत्र, अनुपश्, जिगीषु, कोटक, भैरव, परिणी, मनुष्यदेव, भृत्य, राकानिशा, °निर्वाहिन्, विषमवृत्त, विनेत्र, कर्ष्, ओषधीश, आस्फोटन, विचार, सेनानी, रैवत, आलम्भन, गीताचार्य, संवनन, श्वसथ, विवत्सु, क्षयित्व, आदिश्, शूद्रजन्मन्, अक्षपटल, इभ, दिव्, सत्, विष्, आवर्जन, शुक्तिज, जीव्, आयुःशेष, उपोद्घात, सलिलधर, जन्मद, लक्षक, स्नानशील, अपवारितम्, दिविषद्, मुख, हठ, व्यापादन, आविक, तद्गुण, वाहिनीपति, स्तबक, नृहन्, मृजा, स्तम्बेरम, निर्व्याकुलता, कान्ता, व्या, लोकान्तर, शुम्भ्, विभूतिमन्त्, तूली, आरम्भण, विशिष्टवर्ण, नित्ययुक्त, विनिहित, जटायु, स्पर्शता, संख्य, तैक्ष्ण्य, च्यवान, धर्ष्, नश्वर, सरोरुह, उन्मनस्, वियुज्, आसुति, आख्यात, तुमुल, समन्त, संज्वर, श्रवाय्य, प्रतिरोधन, नागह्रद, विवध, उद्गार, दुर्दिन, चिबुक, उपेत, श्लाघ्य, अर्वन्, नगौकस्, अभिक्षदा, संचयन, संमार्जनी, जिघृक्षु, प्रत्युद्गति, निर्भज्, सश्वास, अभिधानकोश, शालेय, गुणवत्ता, वायुसम, सार्ध, सर्वोपरम, त्रिशङ्कु, पौरिक, काल, राजन्, द्वित, अन्ववेक्ष्, जानुक, जेष्ठवृत्ति, प्राध्व, अभिवच्, यजनीय, सकस्रगुणित, छकार, वनान्तर, एनयोस्, कनिष्ठ, रत्न, मघवत्त्व, धनवन्त्, सारथ्य, शूअपुत्रा, वत्सल, मृतसंजीवन, हिरण्यविमित, कीनार, दुराप, सूर्यवन्त्, निगम्, स्तुत्य, अप्यूह्, नौयायिन्, परिवृत्ति, मांसाशिन्, अधिगम्, प्रायश्चित्त, लोचनपथ, मन्त्रण, त्रैमासिक, निर्लिख्, सोपस्वेद, साध, प्रपञ्चन, शर्ध्, वसुधिति, अविष्या, असुतृप्, अप्रजस्य, कोण, वशत्व, सुन्दर, वेत्रवती, भन्दन, वर्जनिय, अग्नायी, भू, समीपग, विस्यन्द्, दशनच्छद, विपुलता, लक्षान्तर, प्राशु, शक, पृथिवीतल, पद्मयोनि, संनिवेश, अर्वन्त्, अदीन, अर्थकाम, उपादा, संभोगवन्त्, वप्र, बालभाव, नदथु, धानन्, विश्लथ, शृङ्गाट, रिक्थभागिन्, वेताल, सरोष, नखरायुध, पर्यवेक्ष्, वाताश, ऋग्मिन्, नैष्कर्म्य




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