चर्षणि

चर्षणि
चर्षणि /carṣaṇi/
1.
1) живой; подвижный
2) деятельный
2. f. люди, народ




Случайная выборка слов

अघविघातकर्तर्, विवसन, प्रसुप्त, निदाघ, तानि, लुक्, संविद्, विरज, परिवर्ध्, धूमाक्ष, उक्त, शठ, °ह, सामर्थ्य, संस्थापन, निस्तोय, सरुप, सालस, वदनमारुत, पल्वल, 1), °संहर्षिन्, दर्भण, अघशंस, धुक्ष्, निःष्ठिव्, मेखलावन्त्, अव्यवधान, भृङ्ग, नामय्, अञ्जलि, प्रपथ, वित्तप, हस्तप्रद, अर्थतस्, मुहूर्त, आकुल, दुरुपचार, °निन्दिन्, तुलिम, संदेह, उत्तप्, व्यथ्, मनायु, तापस, केशव-पन, कौमुदी, रौमय, वायु, निर्दुःख, दुर्धित, प्रज्ञापारमिता, विशुद्धि, हेमवल, जल्प्य, शुचिस्मित, सिच्, काम्या, जन्मास्पद, धर्मपथी, निर्वेपन, अव्युच्छिन्न, अमित, धर्मराज्, जम्बाल, बलयुक्त, पूग, पिधान, समाख्यान, परिशून्य, ऊधर्, परिश्रु, वेग, ह्लाद, परोपकरण, बालकेलि, कुञ्जरी, प्राप्तप्रभाव, भट्ट, कतिपय, विधुर, अभिबाध्, देवप्रिय, मुक्ता, अपह्नु, लुप्तोपमा, ऐणेय, धोरण, विस्मि, अर्थय, अभिवह्, असंख्य, वासव, स्तबक, हा, रिच्, वेदाध्ययन, पुंपशु, छाया, गुणान्तर, दाशरथि, दीप, स्वायंभुव, सन्मित्र, शतायुस्, विष्टप्, मेरु, सचेतस्, लोह, विवक्षित्व, पीथिन्, अघासुर, पराधिकार, तुरंगम, परीक्षिन्, शु, जिहीर्ष्, रुग्ण, देव-हविस्, शुध्, शमल, संगर, सुस्वादु, संवस्, निर्, पिण्डपितृयज्ञ, व्यतिरिच्, पञ्चरात्र, विषासहि, आलुड्, त्वेष, परिभर्, पुत्रकृत्य, ब्रू, प्रसृति, न्यञ्च्, नृतु, विवर्जन, एकान्तभीरु, निर्गमन, गविष्, परिलधुता, कुत्सन, स्मृति, मिथ्, दीपमालिका, सुश्रुति, विडम्बक, अमति, ज्येष्ठतम, अन्वेषणा, तीक्ष्ण, दित्सा, निषङ्गिन्, ध्यानवन्त्, शोचिस्, यूथपति, हस्तिन्, सनात्, संगत्ह, शस्त्री, तत्र, केरल, संताप, सागरगा, दैतेय, धनीय, श्रव्य, नासा, प्रयज्, नाट, अवसाद, परिमिताहार, प्रतिरोध, तरुस्, प्रतिली, उत्तरोत्तर, हरिवंश, अनुष्टुति, रंहस्, निस्तेजस्, रम्य, दुर्गाह्यत्व, पूर्वज, अदायाद, दाह, उत्सेध, प्रतीष्, अपचार, घटी, भिन्नत्व, हर्षकर, कैंकिरात, परिक्षाण, निःस्वन, व्याकरण, जीवन, अद्यु, दशसाहस्र, यन्तर्, घर्मजल, सौहृद्य, परिघ, संनिमित्त, करिणी, निरर्थक, सजाल




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь