जन-राज्

जन-राज्
जन-राज् /jana-rāj/ m. царь




Случайная выборка слов

जास्पति, अवकर, कामशास्त्र, पुस्तमय, बीजगणित, ग्रीष्मसमय, दण्ड, वरुतर्, आज्ञा-करी, उपहित, वस्तु, मध्येपद्मम्, वृत्तसंपन्न, मताक्ष, किराट, निःशस्त्र, कबर, सामयाचारिक, व्रतस्थ, सधर्म, सुदुःसह, परिपाटि, लयन, आवर्ज्, त्र्याहित, पाश्चात्य, उपकक्ष, कण्डु, शैखिन्, उदायु, दुश्चर, भृम, संबन्धु, चित्रसेन, तृषार्त, ऊर्ध्वरेतस्, उपमेय, माल्यवन्त्, व्यूढ, उदय, मलिनीकरण, त्रिंशत्, दुग्ध, ईशन, प्रवेदन, ध्या, निर्वाहण, यथेच्छ, कर्तुमनस्, डिण्डिमा, यातना, ओषधि, शल, विद्युल्लता, त्विषिमन्त्, प्रणाश, वपा, सुधातु, प्रवत्वन्त्, ब्रह्मणस्पत्नी, भामित, विमर्दक, इन्द्रप्रस्थ, पातञ्जल, यजनीय, ब्रह्मवाच्, अप्रतिरथ, अभिगर्, अनुष्टुभ्, प्रदीर्घ, दीक्षित, दारकर्मन्, °प्रवापिन्, ओम्, चतुष्पद्, सुजीर्ण, श्वशुर, , नाश, दारुणता, समुन्नतु, रटित, जाग्रत्, अश्विन्, अवसर्पण, महापातक, श्वानी, प्रतिप्रवच्, इत्येवमादि, वरण, उद्वेग, मरकतमय, स्फुर, स्तेयिन्, संरुध्, प्रायोगिक, विशेषवन्त्, राक्षसेन्द्र, संख्याङ्कबिण्दु, विगामन्, °संहारिन्, वृषत्व, द्विक, अमरु, सोमदेव, वीड्वङ्ग, त्यागिन्, विमूर्त, विनद, स्नायु, समना, आतिथ्य, धनुर्गुण, टंकार, अभिगम, त्वादत्त, जागर्, प्रशास्तर्, हरिवन्त्, विच्, हन्तर्, प्रियबन्धु, अपवर्, पुनरपगम, निह्नुति, समर्थन, घ्राण, श्रद्धालु, संसर्, भित्त, तामिस्र, अनुयात्र, पैष्ट, दान्त्व, गतसार, संविद्, हेतुक, कातरत्व, निस्तार, आपू, वासतेय, प्रललाट, व्याध, लज्, सेलग, भगवन्त्, वृद्धयोषित्, धूमोर्णा, सुवृत्ति, उद्घोषण, जीर्णोद्यान, प्राभृत, गोभृत्, अभिसंभू, संमोहन, सुषुप्तिवत्, जार, पारमार्थिक, आयोधन, महोक्ष, अतिरमणीय, रङ्गावतारक, संवल्, अवष्टब्ध, विहीन, अतीन्द्रिय, निःश्वास, प्रसादी कर्, प्रियदर्श, सारसन, मृगेभ, दिवादि, नृतु, वारिस्थ, परिक्षाण, अभिगा, प्रणुद्, विसूरण, वासुकि, गुडमय, दीपन, अध्यापक, अग्रसंध्या, वेपिष्ठ, पृतन, चित्रवन्त्, हृदयप्रस्तर, विशस्त्र, धर्मारण्य, तूतुजि, वाताश, पवित्रिन्, संलक्ष्, नरेन्द्र, शास्ति, नासापरिस्राव, शून्यमनस्, खण्डक, तपःक्लम, उन्मथ्, श्राद्धिक, उपचरण, विरिच्, अप्रबुद्ध, ह्वान, अस्मत्रा, त्र्यनीक




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


сборка мебели, литовский словарь