अक्षरविन्यास

अक्षरविन्यास
अक्षरविन्यास /akṣara-vinyāsa/ m. письменность, письмо




Случайная выборка слов

स्मि, तौल्य, समाधा, शस्त्रपाणिन्, धनुर्ग्रह, प्रत्यनीक, नहुस्, उद्वस्, निरन्वय, भारत, त्विषि, रीति, पद्मराग, होमन्, फुल्ल, फेन्य, यावज्जीवम्, संश्लिष्, वेद, गर्, हस्तिघात, छेदन, शूद्रा, संचारिन्, महामात्र, वर्षशतवृत्त, कालप्राप्त, मिथुस्, मद्र, परिनिष्ठित, बाष्पमोक्ष, द्राघिमन्, हरिश्री, त्र्यह, संविद्, सुष्टुभ्, तोमर, ब्रह्मद, अभीप्सु, साशंसम्, सारणि, कर्पर, मूर, तन्त्रवाय, रश्मिवन्त्, तुल्य, परिषेक, स्कन्ध, प्रमार्जक, दुष्प्रसह, मज्जन, संनिकृष्ट, कर्का, पुष्कल, दुर्भिक्षत्व, मण्डूक, अभिज्ञान, उपयुज्, मधुरस, प्रत्यह, राजप्रेष्य, यवनिका, मर्मन्, यूयम्, सवीमन्, सुषोम, निदाघ, दौर्बल्य, सापेक्ष, विलसन, लघुचेतस्, चर्चन, अनायक, शकुनज्ञ, सतस्°, गर्हा, प्रसभ°, मूषिक, पाट, आपातस्, निरंशु, हय-मेध, मिष, श्वसित, प्रायण, शिखण्डक, वितार, दण्डबलव्यवहार, विकर्म-क्रिया, शूर्प, आश्रयिन्, वचस, निप, उत्तरपद, महासाध्वी, मुष्टिहत्या, वैबुध, त्रिपुराराति, आस्फालन, निरुपाय, परिप्लुत, विरुद्, द्रुहु, रोध, आख्येय, द्वापर, विटङ्क, उमा, हैरण्यवासस्, उर°, संनिपत्, क्षपणक, सप्ताह, द्युवधू, अनुमुद्, उपगा, महाकुलीन, ज्ञातर्, रोहस्, सरसिरुह, जातीकोश, बन्धुत्व, लिखित, व्यर्थ, शौल्किक, मुद्रित, मधुकार, वीरासन, साध्य, महारात्र, कृतविद्य, वैश्वरूप्य, चित्रकर्मन्, समतिक्रम्, समागम्, गोधा, लक्ष्, पुनर्भू, निगम्, प्रलयान्तग, रेष्टर्, यज्ञभूमि, शंयु, हानु, अद्धाति, पञ्चार, कुमारक, वधूजन, अनसूय, नीललोहित, निराशिस्, प्रायशस्, विष्टिर्, शपन, आबद्ध, °वेशिन्, पारायण, गगनप्रतिष्ठ, उपसंख्यान, विशिष्ट, माध्यस्थ्य, यूथिका, भ्राष्ट्रक, अदेशकाल, प्लवित, दुरारोह, पुनर्दारक्रिया, उल्लेख, दुर्दृश, अहन्, कलभ, वृद्धशवस्, प्रामाण्य, समालभ्, बाहुयोधिन्, जिघृक्षु, मानार्ह, अशक्ति, त्रिदिवेश्वर, पोगण्ड, विभीषण, पुरोद्यान, बृहच्छ्लोक, पप्रि, विह्वा, जिजीषु, न्यूनय, दम्भिन्, रतिरस, सौष्ठव, सतनु, प्रतिमुद्, अमर्धन्त्, रजस्य, क्षुद्रबुद्धि, घुट्, उद्यानपालक, अतिशय, सिता, वसु, द्युपति, उपव्रज्, स्वयंवर, नागराज्, पतत्रिराज, यानपात्र, मुखमस्




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


сборка мебели, литовский словарь