हव्यप

हव्यप
हव्यप /havya-pa/ m. nom. pr. один из семи древнеиндийских мудрецов




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प्रतिबन्ध्, वारिपथोपजीविन्, भक्षिन्, रमण, कोटर, विक्रेतर्, दुर्गाध, सखि, कुलोद्वह, धनसा, राज्यस्थायिन्, आयोगव, अशनायवन्त्, धुर्, सुवदन, दशेरक, °शर्धिन्, श्रुतवन्त्, प्रतिवारण, संवर्ग, काव्य, प्रशुभ्, वार्ष, बर्हिस्, स्वविशय, नूत्न, शोभन, आनकदुन्दुभि, सुगत, निविद्, शृङ्गारिन्, स्पर्ह्, दुःखार्त, वधर्यन्ती, षाण्मासिकी, गर्ह्य, स्तेयकृत्, वल्लरी, स्मय, अङ्गस्पर्श, रुचक, उच्चता, कपिल, दुश्चारिन्, शिरस्त्र, और्व, अनुरुध्, खेदिन्, प्रमृत, टार, चल, शाम्बरी, शिखा, विलोकिन्, शपथ, क्रौर्य, दिवानिद्रा, जस्वन्, त्वरित, क्रय, अवलिप्तता, चन्द्रमौलिन्, हर्षण, सुरद्विष्, लोभिता, रोमश, नपुंसक, घर्मदीधिति, वीक्षण, देष्ट्र, भक्षितर्, नर्क, विकाशिन्, विच्छेदिन्, भेरुण्ड, सद्योभव, नृपत्नी, ब्रह्मजुष्ट, लेखपत्र, दृषत्कण, औष्ट्र, शतजित्, प्रसहन, दृग्रुध्, वायव, जाघनी, महामनुष्य, परिमिलन, संविदित, नडक, त्र्यक्ष, अकृतसत्कार, विचल्, भिन्नत्व, कुक्षि, गिरिवासिन्, संबुध्, तृणाश, मुखवर्ण, घटी, शम्, ब्रह्मगीतिका, वक्वन्, अवधीरण, भाव, संदर्भ्, एकविंशत्, हयप्रिय, संग्रथ्, भक्षण, नीरुज्, कष्ट, प्रत्यनीक, लाट, पथिकसार्थ, द्वारपति, अव्याज, प्रतुद, ब्रह्मभुवन, निवर, अवरवर्ण, बुभुक्षित, प्रशास्, व्युत्था, बालि, यन्त्रणा, स्तनित, यज्ञिन्, पुरावृत्तकथा, उपसृष्ट, प्रेप्सा, उपक्षेप, चलय्, निर्णिक्त, विहीय, वारिज, मुदा, पीति, सारथि, केदार, स्पन्दित, ज्यैष्ठ, सृणी, ब्रह्मदण्ड, प्रतिव्यूह, द्राघिमन्, स्वस्तिता, परोरजस्, प्रच्यवन, क्रिमिज, जरत्कारु, क्रान्त, दिगन्तर, न्युष्, व्रण, परिभू, समुपाया, विनयन, नृषद्वर, समानार्थ, अतिप्रमाण, विन्ध्यवन, वी, निर्धार, क्षेपणी, पारस्कर, उच्चार, धनर्चि, रसितर्, अरण्यवास, असुतृप्, °भूषिन्, सविद्य, अदेवता, दुःस्थिति, हूति, संपारिन्, वसूया, वारनारी, सैरन्ध्र, दृष्टिपथ, अपमर्ज्, निम्न, निधन, दक्षिण, अननुव्रत, प्रतीति, प्रागुत्तर, देश, जयेश्वर, सर्प्, निषेवित, मधुकार, स्वस्तिक, उद्घटय्, युक्तत्व, वन्द्, प्रतरम्, ब्रह्मणस्पत्नी, गोषन्, रसितर्, शीत-रोचिस्, श्मश्रुधर, प्राप्तजीवन, निषेवा, प्रवत्वन्त्, अंशभूत




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