उपकर्

उपकर्
उपकर् II /upakar/ (формы см. कर् II )
1) отсыпать
2) отбрасывать
3) расщеплять; раскалывать




Случайная выборка слов

दिति, शुद्धान्तचर, अव्यथि, शौद्र, जना, निर्वापण, तिर्यग्ग, विषाणिन्, शल्य, संप्रनश्, कूर्चल, कृतकार्य, सौभग, हिमागम, दुर्°, अनुव्यध्, एकहायन, न्याय, प्रमार, निबर्हण, त्रि-कर्मन्, परिभूष्, स्वाधीन, चञ्चू, विश्व्या, मृत्यु, महाजन, अपचिति, द्विःसम, देववन्द, चीरी, अभूति, जल्प, हिमवान्, मदिरा, सहकार, अष्ट, परीपाक, पारस, पारलौकिक, बाण, यवनिका, कमलाक्ष, शातकुम्भमय, सिंहाय, साचि, कर्तुमनस्, भानव, पण्डित, रक्षण, विभ्रम, दमूनस्, भ्रम, अध्यर्ध, अपहा, जलदक्षय, अलका, शङ्का, नग्ना, लूता, पीयूष, पयःपूर, एष्टव्य, शुक्रवर्ण, निर्मन्थ, वारिविहार, अनुपठ्, सर्पविद्या, भ्राजिन्, प्रणयन, स्पृष्टि, दुःखार्त, मनोहर, निरुत्सुक, वपुस्, संभोग्य, पञ्चाशत्, गै, दौरित, तेजीयंस्, यजिन्, उपस्तरण, वण्ट, शिष्य-रूपिन्, तार्क्ष, विवाचन, श्राद्धदेव, प्रचल, विमति, वशगत, , प्रियकृत्, हैमन, ढौक्, शतायुस्, वायु, सिताम्बर, तत्त्वकथन, समाश्वासन, अनुशासिन्, वासस्, पृथुजघन, सजीव, कुब्ज, सविशेष, मार्दव, छत्त्रवन्त्, प्रच्छद्, आकुटिल, तित्तिर, उद्रङ्क, शाल्योदन, इषुधि, वेदन, निगडय, अवख्या, अयज्यु, माष, प्रत्ययधातु, परिहर्, रा, स्तम्भ, गुध्, आशावासस्, चतुःशालिक, विक्षेप, नम्, निशान्त, मसीन, मोघ, शस्त्र, लोमकूप, प्रवद्, मथिन्, युयुत्सा, महाफल, दुर्ज्ञेय, सत्यानृत, भ्रूभङ्ग, सौदायिक, चुण्टी, संक्षालन, काण्ड, अप्सस्, अक्षमा, प्रतिग्रभ्, प्रतिहिंसित, विलोडन, ऐश, अधिराज, षण्मास, संभूयसमुत्थान, देष्ट्र, हिरण्यकेश, कुन्ति, रजिष्ठ, वसुदेय, षड्विंशति, नासा, अभिव्यक्त, धर्मारण्य, प्रसृत, अभिलोक्, पानस, जागरिष्णु, सदसस्पति, नगरघात, शोचिस्, स्थिर, प्रतिरूपक, कर्णिकार, एणनेत्रा, निशाकर, कूची, पारिहार्य, अङ्गविकार, प्रतिदृश्य, रौक्ष्य, दिक्करिन्, हवनस्यद्, सव्यापार, अग्रू, सश्लाघम्, करी, अध्वग, आस, परिरक्षण, प्रपलायन, अश्विन्, सुयत, प्रयत्, तूपर, अखण्ड, तन्वङ्गी, त्रिपुरान्तक, लोडन, सूर्योदय, दष्ट, अव्यय, नीलाब्ज, विघटन, मुकुर, उपब्रू, छागल, धर्मेन्द्र, शातकुम्भ, सशोक




    Яндекс.Метрика
    словарь санскрита 2009-2012 ©LingvoKit


мастер на час минск, литовский словарь